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सोन नदी जल बंटवारा: अमित शाह ने 26 साल पुराना विवाद सुलझाया, बिहार‑झारखंड को मिला हिस्सा

31/8/2026, 2:31:50 pm
सोन नदी जल बंटवारा: अमित शाह ने 26 साल पुराना विवाद सुलझाया, बिहार‑झारखंड को मिला हिस्सा
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोन नदी के पानी का बंटवारा तय कर 26 साल से चल रहे विवाद को खत्म कर दिया। विवाद 1998 में शुरू हुआ जब बिहार और तत्कालीन बिहार के हिस्से झारखंड ने नदी के पानी पर अपना-अपना दावा किया और सिंचाई परियोजनाओं के लिए अधिक पानी मांगा। कई दौर की बातचीत, अदालती मामलों और केंद्रीय जल आयोग की सिफारिशों के बावजूद कोई स्थायी हल नहीं निकल सका और दोनों राज्य अपने-अपने रुख पर अड़े रहे। इस साल जनवरी में गृह मंत्रालय ने दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों, जल संसाधन सचिवों और तकनीकी विशेषज्ञों को नई दिल्ली बुलाकर एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की। बैठक की अध्यक्षता अमित शाह ने की और उन्होंने दोनों पक्षों को समझौते के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि पानी का बंटवारा वैज्ञानिक आधार पर होना चाहिए। दोनों राज्यों ने अपने-अपने दावे पेश किए, ऐतिहासिक उपयोग के आंकड़े साझा किए और भविष्य की सिंचाई योजनाओं का ब्योरा दिया। केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय ने वैज्ञानिक अध्ययन, नदी के प्रवाह डेटा और भूजल स्थिति के आधार पर एक बंटवारा फॉर्मूला तैयार किया। समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद बिहार को नदी के ऊपरी हिस्से से अधिक पानी मिलेगा, जबकि झारखंड को निचले हिस्से से निर्धारित मात्रा दी गई। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और हेमंत सोरेन ने समझौते को ऐतिहासिक बताया और कहा कि इससे सिंचाई, पेयजल और औद्योगिक जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी। केंद्र ने समझौते के क्रियान्वयन के लिए एक निगरानी समिति गठित की है जो हर छह महीने पर प्रगति की समीक्षा करेगी और विवाद की स्थिति में मध्यस्थता करेगी। इस फैसले से दोनों राज्यों के किसानों, ग्रामीण आबादी और शहरी जलापूर्ति योजनाओं को सीधा लाभ होगा और लंबे समय से लंबित परियोजनाएं अब तेजी से पूरी हो सकेंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस समझौते से अंतरराज्यीय जल विवादों के समाधान का एक मॉडल तैयार होगा जिसका उपयोग अन्य नदियों के मामलों में भी किया जा सकता है। समाचार स्रोत: Google News — Bihar (Hindi)
समाचार स्रोत: Google News — Bihar (Hindi)

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