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सुप्रीम कोर्ट में आज गुमनाम नकद चंदे पर अहम सुनवाई

31/8/2026, 4:06:38 am
सुप्रीम कोर्ट में आज गुमनाम नकद चंदे पर अहम सुनवाई
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सुप्रीम कोर्ट में आज गुमनाम नकद चंदे पर अहम सुनवाई नई दिल्ली: राजनीतिक दलों को मिलने वाले गुमनाम नकद चंदे पर उठे सवालों का जवाब आज सुप्रीम कोर्ट दे सकता है। एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट तय करेगा कि क्या 20 हजार रुपये तक के नकद चंदे का स्रोत बताने की छूट खत्म की जाए। याचिका में मांग की गई है कि आयकर अधिनियम की धारा 13ए के तहत मिली इस छूट को समाप्त किया जाए, क्योंकि इसका दुरुपयोग काले धन को सफेद करने में होता है। याचिकाकर्ता का कहना है कि मौजूदा नियम पार्टियों को जवाबदेही से बचाते हैं। अभी कोई भी व्यक्ति 20 हजार रुपये तक नकद दे सकता है और पार्टी को उसका नाम-पता बताने की जरूरत नहीं होती। इससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलता है और मतदाता अंधेरे में रहता है। याचिका में यह भी मांग है कि सभी चंदे डिजिटल या चेक के जरिए लिए जाएं, ताकि लेनदेन का रिकॉर्ड रहे। केंद्र सरकार ने हलफनामे में कहा है कि मौजूदा व्यवस्था पर्याप्त है और इसमें बदलाव की जरूरत नहीं। सरकार का तर्क है कि छोटे दानदाताओं की निजता का ख्याल रखना जरूरी है। लेकिन चुनाव आयोग ने कोर्ट से सहमति जताई है कि नकद चंदे की सीमा घटाकर 2 हजार रुपये की जानी चाहिए। आयोग ने डिजिटल भुगतान को अनिवार्य बनाने का सुझाव भी दिया है। पिछली सुनवाई में जस्टिस संजीव खन्ना की बेंच ने पूछा था कि क्या संसद ने कभी इस छूट की समीक्षा की है। कोर्ट ने यह भी जानना चाहा कि क्या पूरी तरह नकद चंदे पर रोक लगाना संभव है। आज की सुनवाई में इन सवालों पर बहस होगी। राजनीतिक दलों में इस मुद्दे पर मतभेद हैं। कुछ क्षेत्रीय दल खुलकर पारदर्शिता के पक्ष में बोले हैं, लेकिन राष्ट्रीय दल चुप्पी साधे हुए हैं। यह मामला 2017 से लंबित है। तब एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) ने याचिका दायर की थी। तब से कई बार सुनवाई टली है। आम चुनाव से ठीक पहले इस सुनवाई का महत्व बढ़ गया है। यदि कोर्ट सख्त आदेश देता है तो चुनावी फंडिंग की तस्वीर बदल सकती है। जनता और नागरिक संगठन कोर्ट के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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