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टैगोर ने वंदे मातरम पर क्या कहा था? कांग्रेस को दी थी यह सलाह

21/8/2026, 3:27:40 am
टैगोर ने वंदे मातरम पर क्या कहा था? कांग्रेस को दी थी यह सलाह
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रवींद्रनाथ टैगोर ने वंदे मातरम पर अपनी राय तब दी जब कांग्रेस ने इस गीत पर उठे सवालों को सुलझाने के लिए एक उपसमिति बनाई। 1905 में बंगाल विभाजन के बाद गीत को लेकर धार्मिक और सांप्रदायिक आपत्तियाँ सामने आई थीं। कांग्रेस नेताओं को लगा कि एक साहित्यकार की निष्पक्ष राय से मामला शांत हो सकता है, इसलिए उन्होंने टैगोर से लिखित सलाह मांगी। टैगोर ने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि वंदे मातरम एक काव्यात्मक रचना है जिसमें मातृभूमि की प्रशंसा है, लेकिन इसकी कुछ पंक्तियाँ देवी दुर्गा की स्तुति करती हैं और इस तरह एक विशेष धर्म की भावना को जगाती हैं। उन्होंने लिखा कि राष्ट्रीय प्रतीक को सभी नागरिकों को जोड़ना चाहिए, किसी एक सम्प्रदाय के पक्ष में नहीं। इसलिए उन्होंने सुझाव दिया कि गीत के केवल पहले दो पद — जो विशुद्ध रूप से देशभक्ति के हैं — ही आधिकारिक रूप से अपनाए जाएँ। उपसमिति ने टैगोर की सलाह पर गंभीरता से विचार किया और 1937 में कांग्रेस के अधिवेशन में वंदे मातरम के पहले दो पदों को राष्ट्रीय गीत के रूप में स्वीकार किया गया। बाद में संविधान सभा ने भी इसी रूप को मान्यता दी। टैगोर का यह दृष्टिकोण आगे चलकर जन-गण-मन को राष्ट्रगान बनाने की प्रक्रिया में भी मार्गदर्शक बना। टैगोर ने यह भी कहा कि संगीत और शब्दों का चयन ऐसा हो जो हर भारतीय को अपना लगे, चाहे वह किसी भी भाषा, धर्म या क्षेत्र का हो। उनकी इस सोच ने समावेशी राष्ट्रवाद की अवधारणा को मजबूत किया और आज भी विद्वान उनकी सलाह को एक मिसाल मानते हैं। वंदे मातरम पर टैगोर की राय न केवल उस समय के विवाद को शांत करने में सहायक रही, बल्कि यह भी दिखाती है कि साहित्यकार किस तरह राष्ट्रीय पहचान के निर्माण में रचनात्मक भूमिका निभा सकते हैं। टैगोर ने 1905 के विभाजन के बाद लिखे अपने निबंधों में भी कहा था कि राष्ट्रीय प्रतीक को सांस्कृतिक विविधता का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस के तत्कालीन अध्यक्ष मोतीलाल नेहरू को पत्र लिखकर सुझाव दिया कि गीत के धार्मिक अंश हटाकर उसे सार्वभौमिक बनाया जाए। इस पत्र का असर 1937 के प्रस्ताव पर पड़ा और बाद में 1950 में संविधान सभा ने जन-गण-मन को राष्ट्रगान घोषित करते समय टैगोर के सिद्धांत को ध्यान में रखा। समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया
समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया

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