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तमिलनाडु में पानी की किल्लत: कम बारिश और बढ़ता तापमान

17/8/2026, 7:39:05 pm
तमिलनाडु में पानी की किल्लत: कम बारिश और बढ़ता तापमान
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तमिलनाडु में इस साल मानसून की कमी साफ देखी जा रही है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जून से अगस्त तक की औसत वर्षा सामान्य से करीब 40% कम रही है। इसी के साथ दिन के तापमान में भी लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे वाष्पीकरण की दर बढ़ गई है और नदियों, झीलों तथा भंडारों में पानी तेजी से घट रहा है। इस प्रभाव का सबसे स्पष्ट परिणाम जल स्तर में गिरावट है। राज्य सरकार के जल संसाधन विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य के 주요 जलाशयों में पानी की मात्रा घटकर कुल भंडार क्षमता का केवल 37% रह गई है। चेन्नई, कोयम्बटूर और मदुरै जैसे बड़े शहरों में पेयजल की आपूर्ति पर असर दिखने लगा है; कई इलाकों में जल आपूर्ति की frecuencia कम कर दी गई है और पानी की टंकियों पर लंबी लाइनें देखी जा रही हैं। कृषि क्षेत्र भी संकट में है। राज्य की मुख्य फसलें जैसे चावल, गन्ना और कपास के लिए आवश्यक सिंचाई पानी की कमी के कारण किसानों को बुआई कम करनी पड़ रही है या बंजर जमीन छोड़नी पड़ रही है। इससे खाद्य सुरक्षा पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। सरकार ने तुरंत कदम उठाते हुए जल संरक्षण अभियान चलाया है, leaky पाइपों की मरम्मत करवाई गई है और लोगों को जल उपयोग में कमी लाने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही, कुछ जलाशयों में पानी लाने के लिए टैंकरों की व्यवस्था की गई है और भूजल के दोहन पर सीमा लगाई गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आने वाले हफ्तों में मानसून सक्रिय नहीं हुआ तो स्थिति और बिगड़ सकती है। इसलिए दीर्घकालिक समाधान के रूप में वर्षा जल संचयन, 전통िक जल स्रोतों के पुनरुद्धार और फसल विविधीकरण पर ध्यान देना आवश्यक है। नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे घरेलू स्तर पर पानी की बर्बादी रोकें, जैसे कि नल बंद करके ब्रश करना और बगीचों में dripping irrigation का उपयोग करना। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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