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भारत

नेपाल बाढ़ पर थरूर के 'ड्रामा' बयान से मचा बवाल

28/8/2026, 3:14:52 am
नेपाल बाढ़ पर थरूर के 'ड्रामा' बयान से मचा बवाल
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नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने हजारों परिवारों को बेघर कर दिया और सैकड़ों लोगों की जान चली गई। सोशल मीडिया पर तबाही की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हुए, जिससे देश‑विदेश के लोग चिंतित दिखे। कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद शशि थरूर ने एक ट्वीट में इस प्राकृतिक आपदा को 'ड्रामा' लिख दिया। शब्द सुनते ही ट्विटर पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और थरूर को असंवेदनशील बताकर जमकर ट्रोल किया गया। कई यूजर्स ने पूछा कि क्या राजनीतिक सुविधा के लिए मानवीय संकट को मजाक बनाया जा रहा है। कुछ घंटे बाद थरूर ने स्पष्टीकरण जारी किया और कहा कि उनका इरादा किसी की पीड़ा को कम करना नहीं था। उन्होंने लिखा कि वे नेपाल के नागरिकों के साथ पूरी सहानुभूति रखते हैं और राहत कार्यों का समर्थन करते हैं। फिर भी विवाद थमा नहीं और भाजपा प्रवक्ता ने थरूर को 'अहंकारी' कहकर निशाना साधा। कांग्रेस के कुछ सहयोगी नेताओं ने भी उनसे सार्वजनिक मंच पर शब्दों का चयन सावधानी से करने की सलाह दी। सोशल मीडिया पर अब भी बहस जारी है कि जनप्रतिनिधियों को संकट के समय कितनी जिम्मेदारी से बोलना चाहिए। विशेषज्ञ मानते हैं कि एक गलत शब्द भी बड़े विवाद को जन्म दे सकता है और जनता का विश्वास डगमगा सकता है। नेपाल सरकार ने भारतीय मदद का स्वागत किया और दोनों देशों के बीच सहयोग की बात दोहराई। भारतीय मौसम विभाग ने बताया कि मानसून की असामान्य बारिश ने नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन भी पैदा किए। राहत शिविरों में खाद्य सामग्री, दवाएं और तंबू पहुंचाए जा रहे हैं, जबकि सेना और NDRF की टीमें बचाव अभियान में लगी हैं। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ट्वीट कर नेपाल को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया और द्विपक्षीय संबंधों की मजबूती पर जोर दिया। थरूर के पुराने बयानों को लेकर भी चर्चा हुई, जब उन्होंने पहले भी अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विवादित टिप्पणी की थी। सोशल मीडिया विश्लेषकों का कहना है कि त्वरित प्रतिक्रिया और स्पष्टीकरण से नुकसान कम हो सकता है, लेकिन पहली छाप अक्सर बनी रहती है। इस घटना ने फिर साबित किया कि डिजिटल युग में हर शब्द की जवाबदेही होती है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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