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ट्रंप प्रशासन में बड़ा फेरबदल: सेना सचिव ड्रिस्कॉल ने दिया इस्तीफा
1/9/2026, 2:05:14 am

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अमेरिकी सेना के सचिव डैन ड्रिस्कॉल ने मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
यह खबर ट्रंप प्रशासन में एक बड़े प्रशासनिक फेरबदल का संकेत देती है।
सूत्रों के अनुसार ड्रिस्कॉल और रक्षा सलाहकार पीट हेगसेथ के बीच कई महीनों से मतभेद चल रहे थे।
हेगसेथ सेना के आधुनिकीकरण बजट और रणनीतिक प्राथमिकताओं पर ड्रिस्कॉल के फैसलों को लेकर सार्वजनिक रूप से सवाल उठाते रहे हैं।
इस तनाव के कारण ड्रिस्कॉल पर लगातार राजनीतिक दबाव बढ़ रहा था और उन्होंने स्वयं ही पद छोड़ने का निर्णय लिया।
व्हाइट हाउस ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इस्तीफे की पुष्टि की और कहा कि नए सचिव की नियुक्ति जल्द होगी।
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने बयान में ड्रिस्कॉल की सेवाओं की सराहना की लेकिन इस्तीफे की वजह नहीं बताई।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बदलाव सेना की आंतरिक कार्यशैली और नीतिगत दिशा पर गहरा असर डाल सकता है।
सेना के अंदरूनी सूत्र बताते हैं कि ड्रिस्कॉल ने नई तकनीक और साइबर क्षमता को प्राथमिकता देते हुए कई योजनाएं शुरू की थीं।
हेगसेथ का रुख पारंपरिक रक्षा नीति और मौजूदा हथियार प्रणालियों को बनाए रखने की ओर अधिक झुका हुआ है।
इस मतभेद के कारण सेना मुख्यालय में कई बैठकें रद्द हुईं और महत्वपूर्ण फैसले टाल दिए गए।
आने वाले हफ्तों में नए सचिव के नाम की घोषणा होगी और संसद की मंजूरी के बाद वे पदभार संभालेंगे।
तब तक कार्यवाहक सचिव सेना का नियमित कामकाज देखेंगे और चल रही परियोजनाओं को जारी रखेंगे।
विशेषज्ञों का कहना है कि नए नेतृत्व के चयन से अमेरिकी रक्षा नीति की भविष्य की दिशा तय होगी।
कांग्रेस के कई सदस्यों ने ड्रिस्कॉल के इस्तीफे पर चिंता जताई और जल्द नियुक्ति की मांग की।
सीनेट की सशस्त्र सेवा समिति ने नए सचिव के नाम पर सुनवाई की तारीख तय कर दी है।
रक्षा उद्योग के प्रमुख कंपनियों ने कहा कि नीतिगत अनिश्चितता से अनुबंधों पर असर पड़ सकता है।
अंतरराष्ट्रीय सहयोगी देशों ने भी इस बदलाव पर नजर रखी है क्योंकि अमेरिकी सेना की रणनीति उनके साथ जुड़ी हुई है।
ड्रिस्कॉल ने अपने कार्यकाल में सेना की तत्परता बढ़ाने के लिए कई प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए थे।
उन्होंने सैनिकों के कल्याण और मानसिक स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान दिया था।
हेगसेथ के साथ मतभेद सार्वजनिक होने के बाद मीडिया में दोनों पक्षों के बयान सामने आए।
अब सबकी नजरें व्हाइट हाउस के अगले कदम पर टिकी हैं क्योंकि यह सेना के भविष्य को आकार देगा।
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
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