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ट्रंप ने फिर उठाया आयरलैंड को एक करने का मुद्दा, ब्रिटेन में हलचल

13/9/2026, 9:18:25 pm
ट्रंप ने फिर उठाया आयरलैंड को एक करने का मुद्दा, ब्रिटेन में हलचल
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अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर आयरलैंड को एक देश बनाने की मांग उठाई है। हाल ही में एक चुनावी रैली में उन्होंने कहा कि उत्तरी आयरलैंड को आयरलैंड गणराज्य में मिला देना ही स्थायी शांति का रास्ता है। इस बयान से ब्रिटेन, आयरलैंड और यूरोपीय संघ के नेताओं में नई बहस शुरू हो गई है। उत्तरी आयरलैंड में 1960 के अंत से 1998 तक चले 'द ट्रबल्स' नामक संघर्ष में तीन हजार से अधिक लोग मारे गए थे। 1998 के गुड फ्राइडे समझौते ने हिंसा पर विराम लगाया, पर सीमा, व्यापार और राजनीतिक प्रतिनिधित्व के मुद्दे अब भी अनसुलझे हैं। ब्रेक्सिट के बाद ब्रिटेन और यूरोपीय संघ के बीच नए व्यापार नियमों ने उत्तरी आयरलैंड की स्थिति को और जटिल बना दिया है। ट्रंप ने ब्रिटिश सरकार को 'अधूरा काम' बताते हुए दावा किया कि एक ही द्वीप पर दो अलग कानून और सीमा लंबे समय तक नहीं चल सकते। आयरलैंड के प्रधानमंत्री ने प्रतिक्रिया में कहा कि कोई भी बाहरी दबाव शांति प्रक्रिया को प्रभावित नहीं करेगा और बातचीत ही आगे का रास्ता है। ब्रिटिश विदेश मंत्री ने ट्रंप की टिप्पणी को अव्यावहारिक और विभाजनकारी करार दिया और कहा कि समझौते का पालन दोनों पक्षों की जिम्मेदारी है। विशेषज्ञ मानते हैं कि ट्रंप का बयान अमेरिकी घरेलू राजनीति में आयरिश-अमेरिकी मतदाताओं को लुभाने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है। यूरोप में इसे अधिकतर प्रतीकात्मक माना जा रहा है, क्योंकि किसी भी संवैधानिक बदलाव के लिए उत्तरी आयरलैंड की जनता की सहमति अनिवार्य है। फिलहाल उत्तरी आयरलैंड की प्रशासनिक व्यवस्था यथावत है और गुड फ्राइडे समझौते के तहत शक्ति-साझा समझौता जारी है। जानकारों के अनुसार यदि जनमत संग्रह होता है तो सिन फेन और डीयूपी जैसे दलों की भूमिका निर्णायक होगी। अमेरिकी कांग्रेस में भी कुछ सांसदों ने ट्रंप के बयान का समर्थन किया, जबकि अन्य ने इसे विदेश नीति में हस्तक्षेप बताया। इस बीच यूरोपीय आयोग ने कहा कि वह शांति प्रक्रिया का समर्थन करता रहेगा और किसी भी एकतरफा कदम का विरोध करेगा। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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