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ट्रम्प की युद्ध नीति पर संसद में टकराव: इजरायल को भारी बम बेचने पर रोक, क्यों हुआ बवाल?

16/9/2026, 10:19:32 pm
ट्रम्प की युद्ध नीति पर संसद में टकराव: इजरायल को भारी बम बेचने पर रोक, क्यों हुआ बवाल?
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अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प की युद्ध नीति एक बार फिर सुर्खियों में है क्योंकि उनके प्रशासन के दौरान इजरायल को भारी बम और उन्नत हथियार बेचने का प्रस्ताव अमेरिकी कांग्रेस में रोका गया है। रिपब्लिकन नेता ट्रम्प ने ईरान के न्यूक्लियर कार्यक्रम पर दबाव बढ़ाने के लिये इजरायल को जीबीयू‑43 (मदर ऑफ ऑल बम्स) जैसे शक्तिशाली हवाई बम, जेडीएएम निर्देशित बम और एंटी‑मिसाइल प्रणाली देने की योजना बनाई थी। इस डील का अनुमानित मूल्य सात अरब डॉलर से अधिक बताया जा रहा है और इसमें हज़ारों किलोग्राम वजन वाले बमों की आपूर्ति शामिल है। कांग्रेस की विदेश मामलों की समिति ने इस बिक्री पर आपत्ति जताते हुए कहा कि ऐसे शक्तिशाली हथियार देने से मध्य पूर्व में तनाव बढ़ेगा और नागरिक आबादी पर अनियंत्रित प्रभाव पड़ सकता है। डेमोक्रेट्स और कुछ रिपब्लिकन सांसदों ने मिलकर वोट किया और प्रस्ताव को रोकने के लिये बहुमत हासिल कर लिया। उनके अनुसार इजरायल की सुरक्षा तो महत्वपूर्ण है लेकिन क्षेत्रीय शांति को खतरे में डालना उचित नहीं है। समर्थकों की दलील थी कि इजरायल को ईरान और उसके सहयोगी समूहों जैसे हेज़्बुल्लाह और हमास से लड़ने के लिये इन हथियारों की सख्त जरूरत है। उन्होंने कहा कि ट्रम्प प्रशासन का लक्ष्य ईरान के परमाणु aspiration को रोकना था और इसके लिये इजरायल को सशक्त बनाना आवश्यक कदम था। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि पिछले दशक में इजरायल को मिली सैन्य सहायता से उसकी दुश्मनों पर प्रभावी जवाब देने की क्षमता में सुधार हुआ है। विरोधी पक्ष ने मानवाधिकार संगठनों की रिपोर्टों का हवाला देते हुए चेतावनी दी कि ऐसे विस्फोटकों के उपयोग से गaza और लेबनान जैसे क्षेत्रों में आम नागरिकों की जान को खतरा हो सकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि शांति वार्ता और आर्थिक सहायता पर अधिक ध्यान दिया जाना चाहिए, न कि सैन्य उधेड़बुन पर। इस बहस का असर न केवल अमेरिका‑इजरायल संबंधों पर पड़ेगा, बल्कि मध्य पूर्व की भूराजनीतिक समीकरणों पर भी पड़ सकता है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह रोक स्थायी होती है तो इजरायल को अपनी रणनीति को फिर से तैयार करना पड़ सकता है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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