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यूनिसेफ रिपोर्ट: 21 देशों में हर पांचवां बच्चा ऑनलाइन प्रताड़ित, AI ने बढ़ाई चिंता

4/9/2026, 2:27:50 am
यूनिसेफ रिपोर्ट: 21 देशों में हर पांचवां बच्चा ऑनलाइन प्रताड़ित, AI ने बढ़ाई चिंता
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यूनिसेफ ने 21 देशों के आंकड़े जारी किए हैं जिनमें हर पांच में से एक बच्चा ऑनलाइन प्रताड़ना का शिकार हो रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक 2025 तक दुनिया भर में लगभग 25 करोड़ बच्चे इंटरनेट पर किसी न किसी तरह की बुरी हरकत झेल चुके हैं। साइबर बुलिंग, सेक्सुअल कंटेंट शेयर करना और पहचान चोरी जैसे मामले सबसे ज्यादा सामने आ रहे हैं। नई तकनीक, खासकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ने इस खतरे को और बढ़ा दिया है। एआई टूल्स अब फर्जी प्रोफाइल बनाने, डीपफेक वीडियो तैयार करने और बच्चों की निजी जानकारी चुराने में मदद कर रहे हैं। एआई आधारित चैटबॉट बच्चों को गलत जानकारी देकर उन्हें खतरनाक स्थितियों में धकेल सकते हैं। इससे पीड़ित बच्चे मानसिक तनाव, अवसाद और आत्महत्या की ओर बढ़ रहे हैं। यूनिसेफ ने सरकारों, स्कूलों और टेक कंपनियों से तुरंत कदम उठाने की अपील की है। सुरक्षित इंटरनेट पॉलिसी, उम्र-आधारित फिल्टर और माता-पिता की निगरानी को अनिवार्य बनाने का सुझाव दिया गया है। कुछ देशों ने पहले ही सख्त नियम लागू किए हैं, लेकिन वैश्विक स्तर पर समन्वय अभी कम है। भारत में भी राष्ट्रीय बाल अधिकार आयोग ने इस रिपोर्ट पर चिंता जताई है और नए कानून लाने की बात कही है। विशेषज्ञ मानते हैं कि केवल कानून ही काफी नहीं, सामाजिक जागरूकता और डिजिटल साक्षरता भी जरूरी है। अभिभावकों को बच्चों के ऑनलाइन व्यवहार पर नजर रखनी चाहिए और खुली बातचीत को बढ़ावा देना चाहिए। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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