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नेपाल बाढ़ में फंसे वेलाचेरी के दंपति ने सुनाई बच निकलने की कहानी

31/8/2026, 6:13:33 am
नेपाल बाढ़ में फंसे वेलाचेरी के दंपति ने सुनाई बच निकलने की कहानी
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नेपाल में पिछले हफ्ते आई भीषण बाढ़ ने हजारों लोगों को बेघर कर दिया और कई जानें ले लीं। इस तबाही के बीच तमिलनाडु के वेलाचेरी से आए एक दंपति ने अपनी बच निकलने की दास्तां सुनाई। पति-पत्नी ने बताया कि वे काठमांडू के एक मध्यम श्रेणी के होटल में ठहरे थे जब रात भर बारिश ने नदियों को उफान पर ला दिया। रात करीब दो बजे पानी कमरे के दरवाजे तक पहुंच गया। पति ने पत्नी को तेज़ी से सीढ़ियों की ओर धकेला और खुद भी भागे, जबकि पानी तेजी से बढ़ रहा था। कुछ ही मिनटों में पानी छत तक चढ़ गया और पूरा होटल जलमग्न हो गया। दंपति किसी तरह एक ऊंचे मैदान पर पहुंचे जहां पहले से स्थानीय लोग जमा थे। वहां से सेना के हेलीकॉप्टर ने उन्हें सुरक्षित निकाल लिया। पति ने कहा, “उन्हीं चंद मिनटों ने हमारी जान बचाई।” पत्नी ने भी यही महसूस किया कि उनका पुनर्जन्म हुआ है। बाढ़ की तेज धार ने सड़कें तोड़ दीं, बिजली और फोन सेवाएं ठप हो गईं। कई गांव पूरी तरह डूब गए और राहत सामग्री पहुंचने में कई दिन लग गए। दंपति अब चेन्नई लौट चुके हैं और अपने अनुभव को मीडिया के साथ साझा कर रहे हैं ताकि दूसरे यात्री भी सतर्क रहें। उन्होंने स्थानीय अधिकारियों का शुक्रिया अदा किया जिन्होंने त्वरित बचाव कार्य चलाया। नेपाल सरकार ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत शिविर लगाए हैं और खाद्य सामग्री, दवाएं तथा साफ पानी पहुंचा रही है। भारतीय दूतावास भी अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए लगातार संपर्क में है। इस घटना ने एक बार फिर दिखाया कि प्राकृतिक आपदा कभी भी किसी को भी घेर सकती है। समय पर सूचना और त्वरित कार्रवाई ही जीवन बचा सकती है। वे नेपाल घूमने आए थे और काठमांडू के अलावा पोखरा जाने की योजना बना रहे थे। बाढ़ ने उनकी योजना पूरी तरह बदल दी। उन्होंने बताया कि होटल के कर्मचारियों ने उन्हें जल्दी निकलने की चेतावनी दी थी, लेकिन पानी इतनी तेजी से बढ़ा कि निकलने का वक्त बहुत कम मिला। बचाव दल ने रात भर काम किया और सुबह तक सैकड़ों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। दंपति उन भाग्यशाली लोगों में से थे जिन्हें हेलीकॉप्टर से निकाला गया। अब वे अपने घर लौटकर सामान्य जीवन शुरू कर रहे हैं, लेकिन उस रात की यादें उन्हें अभी भी सिहरा देती हैं। उन्होंने कहा कि वे भविष्य में किसी भी यात्रा से पहले मौसम की जानकारी जरूर लेंगे।
समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया

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