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पश्चिम चंपारण में बाढ़ और कटाव से तबाही, ग्रामीणों ने जल सत्याग्रह कर 10 किमी मार्च निकाला

8/9/2026, 8:09:25 am
पश्चिम चंपारण में बाढ़ और कटाव से तबाही, ग्रामीणों ने जल सत्याग्रह कर 10 किमी मार्च निकाला
पश्चिम चंपारण के कई प्रखंडों में पिछले एक सप्ताह से लगातार बारिश और गंडक नदी के जलस्तर में वृद्धि ने बाढ़ और कटाव की स्थिति पैदा कर दी है। नदी के किनारे बसे गांवों में घर, खेत और सड़कें पानी में डूब गए हैं। सैकड़ों परिवार अपना सामान छोड़कर ऊंचे स्थानों पर शरण ले चुके हैं। प्रशासन ने राहत शिविर लगाए हैं, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि मदद समय पर नहीं पहुंच रही। इससे नाराज ग्रामीणों ने जल सत्याग्रह शुरू किया। उन्होंने नदी के पानी में खड़े होकर नारे लगाए और प्रशासन से तत्काल बांध मरम्मत और निकासी की मांग की। शनिवार को लगभग दो हजार ग्रामीणों ने 10 किलोमीटर लंबा पैदल मार्च निकाला। मार्च जिला मुख्यालय बेतिया तक पहुंचा, जहां उन्होंने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत सामग्री भेजी जाएगी और कटाव रोकने के लिए इंजीनियर टीम तैनात की जा रही है। ग्रामीण नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर 48 घंटे में ठोस कदम नहीं उठाए गए तो वे आंदोलन तेज करेंगे। स्थानीय सांसद और विधायक भी मौके पर पहुंचे और केंद्र तथा राज्य सरकार से विशेष पैकेज की मांग की। बाढ़ से फसलों को भारी नुकसान हुआ है, जिससे किसानों की आजीविका पर संकट गहरा गया है। प्रशासनिक अधिकारी लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और नागरिकों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। बाढ़ के कारण पेयजल स्रोत दूषित हो गए हैं, जिससे डायरिया और त्वचा रोग के मामले बढ़ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने मोबाइल मेडिकल टीम भेजी है। पशुधन भी बाढ़ की चपेट में आया है; हजारों गाय-भैंस पानी में बह गए या भूखे रह गए। पशुपालन विभाग ने चारा वितरण शुरू किया है। स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। शिक्षा विभाग ने ऑनलाइन कक्षाओं की व्यवस्था की है। ग्रामीणों ने मांग की कि बाढ़ पूर्व चेतावनी प्रणाली को मजबूत किया जाए और नदी किनारे पक्के बांध बनाए जाएं। समाचार स्रोत: Google News — Champaran (Hindi)
समाचार स्रोत: Google News — Champaran (Hindi)

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