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रक्षाबंधन के बाद राखी कब उतारें? जानें सही समय और परंपरा

28/8/2026, 4:11:13 am
रक्षाबंधन के बाद राखी कब उतारें? जानें सही समय और परंपरा
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रक्षाबंधन भाई-बहन के पवित्र बंधन का त्योहार है। बहन जब भाई की कलाई पर राखी बांधती है, तो वह उसकी लंबी उम्र, स्वास्थ्य और सुख की कामना करती है। त्योहार बीतने के बाद अक्सर लोग पूछते हैं कि राखी कब और कैसे उतारनी चाहिए। पारंपरिक मान्यता के अनुसार राखी पूरे दिन पहने रखना शुभ माना जाता है। कई परिवार अगले दिन सुबह स्नान के बाद इसे उतारते हैं। कुछ लोग भद्रा काल समाप्त होने का इंतजार करते हैं। पंडित कहते हैं कि कोई निश्चित मुहूर्त नहीं है, लेकिन सम्मान के साथ उतारना जरूरी है। उत्तर भारत में कई जगह राखी तब तक पहनी रहती है जब तक वह खुद टूटकर न गिर जाए। मान्यता है कि टूटने पर रक्षा का संकल्प पूरा होता है। महाराष्ट्र और गुजरात में कुछ लोग गणेश चतुर्थी तक राखी पहने रखते हैं। दक्षिण भारत में अवनी अवित्तम या उपाकर्म के दिन राखी बदलने की परंपरा है। राखी उतारने के बाद उसे इधर-उधर फेंकना उचित नहीं माना जाता। बुजुर्ग सलाह देते हैं कि राखी को साफ कपड़े में लपेटकर पूजा स्थल पर रखें या बहते जल में प्रवाहित करें। कुछ लोग तुलसी के पौधे के पास रखते हैं। प्लास्टिक या धातु की राखी हो तो अगले साल के लिए संभालकर रख सकते हैं। आधुनिक जीवनशैली में कई लोग ऑफिस या काम के कारण शाम को ही राखी उतार देते हैं। इसमें कोई दोष नहीं, बशर्ते मन में श्रद्धा बनी रहे। राखी का धागा टूट जाए या गंदा हो जाए तो भी बदल लेना चाहिए। अंत में यही बात मायने रखती है कि राखी महज एक धागा नहीं, बल्कि विश्वास और स्नेह की डोर है। उसे उतारते समय भी वही आदर भाव रखें, जो बांधते समय था। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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