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मोदी सरकार के क़दमों के बावजूद चीनी के दाम क्यों नहीं थम रहे?

25/8/2026, 7:50:01 am
मोदी सरकार के क़दमों के बावजूद चीनी के दाम क्यों नहीं थम रहे?
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मोदी सरकार ने चीनी की कीमतों को काबू में लाने के लिए कई कदम उठाए हैं। निर्यात शुल्क घटाया गया, मिलों के लिए स्टॉक लिमिट तय की गई और खुले बाजार में बिक्री बढ़ाने के लिए नीलामी शुरू की गई। इसके बावजूद खुदरा बाजार में चीनी 45 से 50 रुपये प्रति किलो तक बिक रही है। चीनी उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे बड़े उत्पादक राज्यों की अर्थव्यवस्था से जुड़ी है। लाखों गन्ना किसान और चीनी मिलें इन राज्यों में रोजगार देते हैं। किसानों को गन्ने का उचित मूल्य मिले, इसके लिए सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) हर साल बढ़ाती रही है। लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत, परिवहन खर्च और मौसम की अनिश्चितता ने उत्पादन लागत बढ़ा दी है। मिलों का कहना है कि उनके पास स्टॉक कम है जबकि घरेलू मांग लगातार बढ़ रही है। इसके अलावा, निर्यात पर लगे प्रतिबंधों से मिलों को विदेशी मुद्रा कमाने का मौका कम मिला। विशेषज्ञ मानते हैं कि केवल प्रशासनिक उपाय काफी नहीं हैं। लंबे समय के लिए गन्ना किसानों की आय सुरक्षित करने, मिलों की क्षमता बढ़ाने और सप्लाई चेन को मजबूत करने पर जोर देना होगा। तभी चीनी की कीमत स्थिर हो सकेगी और उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया
समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया

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