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ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में जिनपिंग की तबीयत बिगड़ने का आरोप: विपक्षी नेता का दावा, विशेष विमान से वापसी

16/9/2026, 11:02:30 pm
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में जिनपिंग की तबीयत बिगड़ने का आरोप: विपक्षी नेता का दावा, विशेष विमान से वापसी
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चीन के विपक्षी नेता वान जुन शी ने सोमवार को बीजिंग में एक प्रेस वार्ता करके दावा किया कि पिछले हफ्ते रूस के काज़ान शहर में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति शी चिनफिंग की सेहत में अचानक गिरावट आई। वान जुन शी ने बताया कि सम्मेलन के दूसरे दिन की सुबह शी चिनफिंग को सीने में जकड़न और अत्यधिक पसीना आने की शिकायत हुई, जिसके बाद तुरंत चिकित्सा टीम ने उन्हें सम्मेलन स्थल के पास एक कमरे में ले जाकर प्राथमिक जांच की। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच मेंstroke के लक्षण जैसे कि आधे शरीर में कमजोरी और बोलने में कठिनाई देखी गई, इसलिए चीन सरकार ने तुरंत एक विशेष चिकित्सा विमान तैयार कराया। इस विमान को आमतौर पर शी स्तर के नेताओं की आपातकालीन यात्राओं के लिए आरक्षित रखा जाता है और इसमें डॉक्टरों, नर्सों और जीवन रक्षक उपकरणों की पूरी टीम होती है। वान जुन शी के अनुसार, विमान ने काज़ान हवाई अड्डे से उड़ान भरी और उड़ान के दौरान डॉक्टरों ने राष्ट्रपति की नाड़ी, रक्तचाप और ऑक्सीजन स्तर की निरंतर निगरानी की। उन्होंने बताया कि उड़ान के बीच में डॉक्टरों ने शी चिनफिंग को intravenously दवाएँ दीं ताकि उनके स्वास्थ्य को स्थिर किया जा सके। विमान बीजिंग पहुँचने पर शी चिनफिंग को सीधे एक सैनिक अस्पताल ले जाया गया जहाँ आगे की जांच चल रही है। चीन के आधिकारिक प्रवक्ता mao zhen ने इन दावों को निराधार बताते हुए कहा कि राष्ट्रपति शी चिनफिंग पूरी तरह स्वस्थ हैं और उन्होंने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के सभी सत्रों में सक्रिय भागीदारी की। प्रवक्ता ने जोर देकर कहा कि कोई विशेष चिकित्सा विमान नहीं भेजा गया और सभी यात्राएँ नियमित civili航空 शेड्यूल के अनुसार हुईं। उन्होंने विदेशी मीडिया से अपील की कि वे अन verified gossip पर ध्यान न दें और तथ्यों की जाँच करके रिपोर्ट करें। अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की अफवाहें अक्सर चीन की आंतरिक शक्ति संघर्ष को दर्शाती हैं। कुछ विश्लेषकों का कहना है कि विपक्षी नेता जानबूझकर ऐसी कहानियाँ फैलाते हैं ताकि सरकार की नीतियों पर सवाल उठाया जा सके और अंतर्राष्ट्रीय दबाव बढ़ाया जा सके। हालांकि, बिना किसी आधिकारिक पुष्टि या चिकित्सा रिपोर्ट के इन दावों पर भरोसा करना जल्दबाजी होगा। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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