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अहमदाबाद में रीडिंग सेशन पर हमला, मलाला और ऐन फ्रैंक की किताबों पर विवाद

29/8/2026, 1:10:15 pm
अहमदाबाद में रीडिंग सेशन पर हमला, मलाला और ऐन फ्रैंक की किताबों पर विवाद
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अहमदाबाद के एक सार्वजनिक पुस्तकालय में शनिवार को एक रीडिंग सेशन आयोजित किया गया था। इसमें मलाला यूसुफ़ज़ई की आत्मकथा “आई एम मलाला” और ऐन फ्रैंक की प्रसिद्ध डायरी पढ़ी जा रही थी। कार्यक्रम का आयोजन एक स्थानीय एनजीओ ने किया था और इसमें करीब पचास लोग शामिल हुए थे। कुछ लोगों का एक समूह अचानक हॉल में घुसा और पाठकों से बहस करने लगा। उन्होंने किताबों को “देश‑विरोधी” और “पश्चिमी प्रचार” बताते हुए विरोध जताया। समूह के सदस्यों ने आयोजकों से कार्यक्रम रोकने की मांग की। विवाद बढ़ने पर समूह ने मारपीट शुरू कर दी। कई प्रतिभागियों को चोट आई और कुछ को अस्पताल ले जाना पड़ा। आयोजकों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और घटना का वीडियो भी रिकॉर्ड कर लिया। पुलिस ने मौके पर पहुँचकर मामला दर्ज किया और दो लोगों को हिरासत में लिया। जांच जारी है और अधिकारी सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहे हैं। पुलिस ने कहा कि किसी भी तरह की हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। घटना के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया आई। कई नागरिक संगठनों, लेखकों और छात्रों ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताया। हैशटैग #StandWithReading ट्रेंड कर रहा है। लेखक और शिक्षाविदों ने कहा कि किताबें किसी भी विचारधारा से ऊपर हैं और उन्हें पढ़ने का अधिकार सबको है। उन्होंने सरकार से अपील की कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। गुजरात सरकार ने बयान जारी कर कहा कि कानून अपना काम करेगा और किसी भी तरह की हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने भी घटना की निंदा की और जांच तेज करने का निर्देश दिया। इस मामले ने देश भर में पुस्तकालयों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सुरक्षा पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि इस तरह की घटनाएँ लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए खतरा हैं। समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया
समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया

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