लाइव
टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।
विश्व

अमेरिका‑सऊदी एफ‑35 सौदे पर विवाद क्यों?

18/9/2026, 2:53:54 am
अमेरिका‑सऊदी एफ‑35 सौदे पर विवाद क्यों?
Source feed image
अमेरिका ने सऊदी अरब को एफ‑35 लड़ाकू विमान बेचने का प्रस्ताव रखा है, लेकिन इस सौदे पर कई पक्ष सवाल उठा रहे हैं। सऊदी अरब कई साल से वॉशिंगटन में इस विमान को हासिल करने के लिए लॉबी कर रहा था। एफ‑35 को दुनिया का सबसे आधुनिक स्टील्थ फाइटर माना जाता है, जिसमें उन्नत सेंसर और नेटवर्क क्षमता है। अमेरिकी कांग्रेस के कई सदस्यों ने तकनीक हस्तांतरण और सऊदी अरब के मानवाधिकार रिकॉर्ड को लेकर चिंता जताई है। इज़राइल जैसे प्रमुख सहयोगी भी इस सौदे से असहज हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि इससे क्षेत्रीय संतुलन बिगड़ सकता है। पेंटागन ने कहा है कि बिक्री से अमेरिकी रक्षा उद्योग को लाभ होगा और साझेदारी मजबूत होगी। हालांकि, कुछ विश्लेषकों का मानना है कि सऊदी अरब को इतनी उन्नत तकनीक देना जोखिम भरा हो सकता है। व्हाइट हाउस ने अभी तक अंतिम फैसला नहीं लिया है और समीक्षा प्रक्रिया जारी है। सऊदी अधिकारियों ने कहा है कि वे अपनी वायु सेना को आधुनिक बनाना चाहते हैं। कांग्रेस की विदेश मामलों की समिति ने निर्यात नियंत्रण कानून के तहत अतिरिक्त शर्तें लगाने का प्रस्ताव रखा है। यमन संघर्ष में सऊदी भागीदारी को देखते हुए मानवाधिकार संगठनों ने भी आपत्ति दर्ज की है। विशेषज्ञ कहते हैं कि एफ‑35 की तैनाती से खाड़ी में हथियारों की होड़ तेज हो सकती है। अमेरिकी रक्षा विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि सौदे में प्रशिक्षण और रखरखाव पैकेज शामिल होंगे। सऊदी अरब ने पहले से ही एफ‑15 और टाइफून विमान खरीदे हैं, लेकिन एफ‑35 उसकी क्षमता को नए स्तर पर ले जाएगा। समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया
समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया

संबंधित