लाइव
टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।
विश्व

अमेरिकी सेना तैनात करेगी परमाणु माइक्रोरिएक्टर, पांच बेस पर खर्च होंगे 2.2 अरब डॉलर

27/8/2026, 1:13:39 am
अमेरिकी सेना तैनात करेगी परमाणु माइक्रोरिएक्टर, पांच बेस पर खर्च होंगे 2.2 अरब डॉलर
Original publisher image
अमेरिकी सेना ने अपने पांच सैन्य ठिकानों पर परमाणु माइक्रोरिएक्टर तैनात करने की महत्वाकांक्षी योजना घोषित की है। इस परियोजना पर करीब 2.2 अरब डॉलर खर्च होंगे और 2030 तक पहला रिएक्टर चालू होने की उम्मीद है। सेना का कहना है कि ये छोटे रिएक्टर पारंपरिक डीजल जनरेटर की जगह लेंगे और सैन्य अभियानों के लिए भरोसेमंद, कार्बन-मुक्त बिजली देंगे। प्रत्येक माइक्रोरिएक्टर 1 से 5 मेगावाट बिजली पैदा करेगा — इतना काफी है एक छोटे सैन्य शिविर या अग्रिम मोर्चे की जरूरतें पूरी करने के लिए। चुने गए पांच ठिकानों में अलास्का का फोर्ट वेनराइट, टेक्सास का फोर्ट ब्लिस, हवाई का शॉफील्ड बैरक, मैरीलैंड का एबरडीन प्रोविंग ग्राउंड और वर्जीनिया का फोर्ट बेल्वोइर शामिल हैं। इन जगहों को उनकी ऊर्जा जरूरतों, लॉजिस्टिक पहुंच और सुरक्षा मानकों के आधार पर चुना गया है। परियोजना 'प्रोजेक्ट पीले' के तहत चल रही है जिसे रक्षा विभाग का स्ट्रैटेजिक कैपेबिलिटीज ऑफिस देख रहा है। दो कंपनियों — BWXT एडवांस्ड टेक्नोलॉजीज और जेनरेट एनर्जी — को प्रोटोटाइप बनाने का ठेका मिला है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह कदम सैन्य ऊर्जा सुरक्षा में बड़ा बदलाव लाएगा। अभी दूरदराज के ठिकानों पर ईंधन पहुंचाना जोखिम भरा और महंगा होता है। माइक्रोरिएक्टर कई साल बिना ईंधन बदले चल सकते हैं। हालांकि सुरक्षा चिंताएं भी हैं। आलोचकों का कहना है कि युद्ध क्षेत्र में परमाणु सामग्री का खतरा बढ़ जाता है। सेना का दावा है कि रिएक्टरों में 'पैसिव सेफ्टी' फीचर होंगे — यानी बिजली गुल होने पर भी वे खुद-ब-खुद बंद हो जाएंगे। यह योजना अमेरिका की व्यापक परमाणु ऊर्जा रणनीति का हिस्सा है। बाइडन प्रशासन ने छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों को जलवायु लक्ष्य हासिल करने का अहम साधन बताया है। सेना की सफलता नागरिक क्षेत्र में भी ऐसी तकनीक का रास्ता खोल सकती है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

संबंधित