लाइव
टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।
विश्व

नेपाल में भयानक बाढ़: 150 से ज्यादा मौतें, बाजार बह गया, सैकड़ों लापता

27/8/2026, 12:59:14 am
नेपाल में भयानक बाढ़: 150 से ज्यादा मौतें, बाजार बह गया, सैकड़ों लापता
Source feed image
नेपाल में पिछले सात दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश ने भयावह बाढ़ पैदा कर दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक 150 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 200 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं। यह पिछले कुछ वर्षों में नेपाल की सबसे भीषण प्राकृतिक आपदा मानी जा रही है। काठमांडू घाटी के पूर्वी भाग में स्थित थमी बाजार पानी के तेज बहाव में पूरी तरह बह गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि रात के करीब दो बजे नदी का स्तर अचानक बढ़ा और पानी घरों व दुकानों में घुस गया। किसी को भी बचने का समय नहीं मिला, जिससे कई परिवार छतों पर फंस गए जिन्हें बाद में हेलीकॉप्टर से निकाला गया। बचाव अभियान में नेपाली सेना, सशस्त्र पुलिस बल और स्थानीय पुलिस के पांच हजार से अधिक जवान लगे हैं। बचाव टीमों को भूस्खलन और खराब मौसम के कारण दूरदराज के गांवों तक पहुंचने में दिक्कत हो रही है। प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल 'प्रचंड' ने तुरंत आपात बैठक बुलाकर राहत सामग्री की आपूर्ति बढ़ाने और हेलीकॉप्टरों की संख्या बढ़ाने का आदेश दिया है। मौसम विभाग ने बताया कि मध्य और पूर्वी नेपाल में बीस घंटे के भीतर 200 मिलीमीटर से अधिक वर्षा दर्ज की गई। बागमती, विष्णुमती और सुनकोशी नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे किनारे पर बसी बस्तियों में पानी घुस गया। काठमांडू को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने वाले प्रमुख राजमार्ग कई स्थानों पर टूट गए हैं और पुलों को क्षति पहुंची है। स्वास्थ्य विभाग ने बीमारी फैलने की आशंका जताते हुए प्रभावित इलाकों में चिकित्सा टीमें भेजी हैं और साफ पेयजल की व्यवस्था की है। अस्थायी राहत शिविरों में हजारों लोग शरण लिए हैं, जहां खाना, कपड़े और základní चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। संयुक्त राष्ट्र और विभिन्न गैर‑सरकारी संगठनों ने भी राहत सामग्री और वित्तीय मदद की पेशकश की है। विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन और अनियोजित शहरीकरण ने इस आपदा की तीव्रता को बढ़ाया है। नेपाल सरकार ने राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष में अतिरिक्त धन आवंटित करने की घोषणा की है और पड़ोसी देशों से भी मदद मांगी है। सोशल मीडिया पर #NepalFloodRelief हैशटैग चल रहा है, जिसके तहत लोग ऑनलाइन donation दे सकते हैं। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि आगे भी बारिश जारी रह सकती है, इसलिए लोगों को सुरक्षित इलाकों में जाने की सलाह दी गई है। समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया
समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया

संबंधित