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चेन्नई में 19 महीने के बच्चे का अंगदान, माँ ने फिर नहीं देखा

29/8/2026, 9:12:17 am
चेन्नई में 19 महीने के बच्चे का अंगदान, माँ ने फिर नहीं देखा
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चेन्नई के एक निजी अस्पताल में 19 महीने के बच्चे को ब्रेन डेड घोषित किया गया। डॉक्टरों ने कई घंटे तक कोशिश की, लेकिन बच्चे की हालत सुधरी नहीं। अंत में परिवार को बताया गया कि दिमाग पूरी तरह काम करना बंद कर चुका है। बच्चे का नाम आरव था। वह एक साधारण बुखार के बाद अचानक बेहोश हो गया था। परिजन उसे तुरंत अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने सीटी स्कैन और एमआरआई कराई, जिसमें ब्रेन स्टेम में गंभीर चोट सामने आई। विशेषज्ञों ने बताया कि चोट इतनी गहरी थी कि कोई इलाज संभव नहीं था। परिवार ने पहले इलाज जारी रखने की कोशिश की, लेकिन दो दिन बाद डॉक्टरों ने ब्रेन डेड की पुष्टि की। माँ ने तब अंगदान की सहमति दी। उसने कहा, “मेरा बेटा अब नहीं रहा, लेकिन उसके अंग दूसरों को ज़िंदगी दे सकते हैं।” अस्पताल की ट्रांसप्लांट टीम ने अंग निकालने के लिए 12 घंटे की सर्जरी की। दिल को एक 45 वर्षीय व्यक्ति को, लीवर को एक 38 वर्षीय महिला को, दोनों किडनी को दो अलग‑अलग मरीज़ों को और कॉर्निया को दो नेत्रहीन लोगों को दिया गया। सभी प्राप्तकर्ता अब स्थिर हैं। माँ ने ऑपरेशन के बाद बच्चे को फिर नहीं देखा। उसने कहा, “मैंने उसे आखिरी बार गोद में लिया था, फिर मुड़कर नहीं देखा।” परिवार के अन्य सदस्यों ने भी इस फैसले का समर्थन किया। अस्पताल के निदेशक ने कहा कि ऐसे मामले समाज में अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाते हैं। तमिलनाडु सरकार ने भी इस पहल की सराहना की और कहा कि अंगदान की प्रक्रिया को और सरल बनाया जाएगा। इस घटना के बाद शहर में कई लोगों ने अंगदान के लिए पंजीकरण कराया। माँ का साहस अब दूसरों के लिए प्रेरणा बन रहा है। समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया
समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया

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