लाइव
टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।
भारत

कानून की पढ़ाई की अवधि तय करेगा विशेषज्ञ निकाय: सुप्रीम कोर्ट

8/9/2026, 10:18:09 pm
कानून की पढ़ाई की अवधि तय करेगा विशेषज्ञ निकाय: सुप्रीम कोर्ट
Original publisher image
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को स्पष्ट किया कि कानून की पढ़ाई कितने दिन की होगी, इसका निर्णय एक विशेषज्ञ निकाय करेगा। जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की। याचिका में मांग थी कि एलएलबी कोर्स की अवधि पूरे देश में एक समान तय की जाए। बेंच ने कहा कि शैक्षणिक मामलों में अदालत का हस्तक्षेप उचित नहीं है। यह कार्य बार काउंसिल ऑफ इंडिया और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग जैसे नियामक संस्थानों का है। कोर्ट ने दोनों संस्थाओं को मिलकर तीन वर्षीय और पांच वर्षीय कोर्स पर अंतिम निर्णय लेने को कहा। याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि अलग‑अलग विश्वविद्यालयों में कोर्स की अवधि भिन्न होने से छात्रों को परेशानी होती है। बेंच ने माना कि एकरूपता ज़रूरी है, लेकिन इसे अदालत के बजाय विशेषज्ञ निकाय ही लागू करेगा। सुप्रीम कोर्ट ने याचिका का निपटारा करते हुए कोई समय‑सीमा नहीं तय की, लेकिन उम्मीद जताई कि जल्द ही बार काउंसिल और यूजीसी मिलकर एक समान नीति तैयार करेंगे। कानून की पढ़ाई की अवधि लंबे समय से चर्चा का विषय रही है। तीन साल का एलएलबी स्नातक के बाद होता है, जबकि पांच साल का इंटीग्रेटेड कोर्स बारहवीं के बाद शुरू होता है। दोनों ही मान्य हैं, पर छात्र अक्सर असमंजस में रहते हैं। इस निर्णय से लॉ कॉलेजों और विद्यार्थियों को स्पष्ट दिशा मिलने की उम्मीद है। जब विशेषज्ञ निकाय अपनी सिफारिश देगा, तब पूरे देश में एक समान व्यवस्था लागू हो सकेगी। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

संबंधित