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ग्लोरिया स्टाइनम: गांधी से प्रेरित नारीवादी आइकॉन का 92 वर्ष की आयु में निधन

4/9/2026, 2:01:25 am
ग्लोरिया स्टाइनम: गांधी से प्रेरित नारीवादी आइकॉन का 92 वर्ष की आयु में निधन
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अमेरिका की प्रसिद्ध नारीवादी नेता ग्लोरिया स्टाइनम का 92 साल की उम्र में निधन हो गया। उनका जन्म 1934 में ओहियो के टोलेडो में हुआ था और उन्होंने बर्कली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की पढ़ाई की। 1960 के दशक में उन्होंने महात्मा गांधी के अहिंसक आंदोलन और भारत की पदयात्रा से गहरी प्रेरणा ली। 1962 में भारत यात्रा के दौरान उन्होंने गांधी के सत्याग्रह को नज़दीक से देखा, जिससे उनके विचार में बदलाव आया। वापस लौटकर उन्होंने 1963 में ‘वुमन स्ट्राइक फॉर इक्वलिटी’ का आयोजन किया, जिसमें लाखों महिलाओं ने हिस्सा लिया। इस प्रदर्शन ने अमेरिकी समाज में महिला अधिकारों पर खुलकर चर्चा शुरू की। 1970 में उन्होंने ‘वीमेन लिबरेशन’ नामक पत्रिका ‘Ms.’ की स्थापना की, जो महिला मुद्दों की प्रमुख आवाज़ बनी। स्टाइनम ने गर्भपात अधिकार, समान वेतन और घरेलू हिंसा जैसे विषयों पर लगातार लेख लिखे और संसद में बिल पेश करवाए। उनके प्रयासों से 1972 में ‘इक्वल राइट्स अमेंडमेंट’ (ERA) को संसद में पारित कराने की कोशिश तेज हुई। भारत में भी उनकी पदयात्रा और गांधीवादी तरीके ने कई महिला संगठनों को प्रेरित किया, जिन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किए। 1993 में उन्हें ‘प्रेसिडेंशियल मेडल ऑफ़ फ़्रीडम’ से सम्मानित किया गया, जो उनके योगदान की स्वीकृति थी। स्टाइनम ने जीवन के अंतिम वर्षों में भी युवा कार्यकर्ताओं को मार्गदर्शन दिया और लेखन जारी रखा। उन्होंने नागरिक अधिकार आंदोलन में भी सक्रिय भाग लिया और मार्टिन लूथर किंग जूनियर के साथ मंच साझा किया। स्टाइनम ने 1975 में ‘इंटरनेशनल वुमन ईयर’ के दौरान संयुक्त राष्ट्र में महिला अधिकारों पर भाषण दिया। उनकी किताब ‘माई लाइफ ऑन द रोड’ में उन्होंने गांधी के सिद्धांतों को अपने अनुभवों के साथ जोड़ा। उनका निधन महिला अधिकारों के वैश्विक संघर्ष में एक युग का अंत माना जा रहा है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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