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जापान-भारत संबंधों की अगली परीक्षा: व्यापार घाटा बनेगा पैमाना, पीयूष गोयल

26/8/2026, 11:54:55 pm
जापान-भारत संबंधों की अगली परीक्षा: व्यापार घाटा बनेगा पैमाना, पीयूष गोयल
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वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को एक विशेष बातचीत में स्पष्ट किया कि जापान के साथ द्विपक्षीय संबंधों की अगली परीक्षा निवेश की रकम नहीं, बल्कि व्यापार घाटे का आकार होगी। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच CEPA यानी व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते की समीक्षा चल रही है और उसमें व्यापार संतुलन को प्राथमिकता दी जाएगी। गोयल ने बताया कि जापानी कंपनियां भारत में निर्माण इकाइयां लगा रही हैं, लेकिन अभी तक निर्यात-आयात का अंतर बड़ा बना हुआ है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि पिछले वित्त वर्ष में भारत का जापान के साथ व्यापार घाटा 12 अरब डॉलर से अधिक रहा। मंत्री ने जोर देकर कहा कि निवेश आकर्षित करना आसान है, पर असली चुनौती यह है कि भारतीय उत्पाद जापानी बाजार में कितनी जगह बना पाते हैं। उन्होंने निर्यात बढ़ाने के लिए गुणवत्ता मानकों, लॉजिस्टिक और सीमा शुल्क प्रक्रियाओं को सरल बनाने की बात कही। जापान के राजदूत ने भी इस बात पर सहमति जताई कि दोनों पक्षों को व्यापार संतुलन पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जापानी निवेशक भारतीय बाजार की क्षमता देख रहे हैं, लेकिन उन्हें निर्यात के लिए अनुकूल माहौल चाहिए। उद्योग संगठनों ने सरकार से मांग की है कि CEPA में सेवा क्षेत्र, कृषि उत्पाद और छोटे उद्योगों के लिए विशेष प्रावधान जोड़े जाएं। उनका मानना है कि इससे व्यापार घाटा कम करने में मदद मिलेगी। सरकार ने आश्वासन दिया कि अगले छह महीने में CEPA की समीक्षा पूरी कर ली जाएगी और उसके बाद नए प्रावधान लागू होंगे। गोयल ने कहा कि यह प्रक्रिया पारदर्शी रहेगी और सभी हितधारकों की राय ली जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि व्यापार घाटा घटता है तो दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी और मजबूत होगी। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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