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साड़ी में मैराथन दौड़कर बेटियों की फीस जुटाने वाली माँ ने जीती दौड़

1/9/2026, 12:49:24 am
साड़ी में मैराथन दौड़कर बेटियों की फीस जुटाने वाली माँ ने जीती दौड़
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उत्तर प्रदेश के एक छोटे कस्बे में रहने वाली 47 वर्षीय रमा बाई ने अपनी दो बेटियों की स्कूल फीस चुकाने के लिए स्थानीय मैराथन में दौड़ने का फैसला किया। उनके पास खेल के जूते खरीदने के पैसे नहीं थे, इसलिए उन्होंने पारंपरिक साड़ी पहनकर ही दौड़ शुरू की। तीसरे किलोमीटर पर अचानक चप्पल फिसल गई और पैर में चुभन हुई। बिना वक्त गंवाए उन्होंने चप्पल उतार दी और नंगे पैर ही दौड़ जारी रखी, जबकि साथी धावक उन्हें हैरानी से देख रहे थे। दृढ़ इच्छा ने उन्हें आगे बढ़ाया और अंतिम दो किलोमीटर में उन्होंने रफ्तार तेज कर दी। फिनिश लाइन पार करते ही आयोजकों ने उन्हें विजेता घोषित किया और 25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया। रमा बाई ने तुरंत वह रकम बेटियों की फीस और किताबों के खर्च में लगा दी। बाद में उन्होंने कहा, “मेरी बेटियों की पढ़ाई मेरे लिए सबसे बड़ी पूंजी है, मैं किसी भी मुश्किल से नहीं डरती।” पति एक छोटी दुकान चलाते हैं और परिवार की आमदनी सीमित है, इसलिए बेटियों की पढ़ाई का खर्च हमेशा चुनौती रहा है। पिछले साल उन्होंने एक स्थानीय एनजीओ से मदद मांगी, लेकिन केवल सलाह मिली, आर्थिक सहायता नहीं। इसके बाद उन्होंने खुद ही मैराथन में भाग लेकर पैसा जुटाने का इरादा किया और रोज सुबह दो किलोमीटर दौड़कर अभ्यास शुरू किया। अभ्यास के दौरान उन्होंने साड़ी में दौड़ने का अभ्यास किया, ताकि प्रतियोगिता के दिन कोई असुविधा न हो। मैराथन के दिन सुबह छह बजे वे घर से निकलीं, साथ में केवल एक पानी की बोतल और बेटियों की फीस की रसीद थी। कस्बे के लोगों ने उनकी हिम्मत की सराहना की और सोशल मीडिया पर कहानी तेजी से फैली, जिससे कई लोग प्रेरित हुए। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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