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मोहन भागवत ने अमेरिका में हिंदुत्व का अर्थ बताया, मुस्लिमों को दिया स्पष्ट संदेश

29/8/2026, 6:27:53 am
मोहन भागवत ने अमेरिका में हिंदुत्व का अर्थ बताया, मुस्लिमों को दिया स्पष्ट संदेश
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आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने पिछले सप्ताह अमेरिका के न्यू जर्सी में एक समुदाय कार्यक्रम में हिंदुत्व पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि हिंदुत्व किसी विशिष्ट धर्म या पंथ की पहचान नहीं, बल्कि भारतीय सभ्यता और उसके मूल्यों का प्रतीक है। भागवत ने बताया कि इस अवधारणा में विविधता में एकता का समावेश है और हर नागरिक का सम्मान करना आवश्यक है। उन्होंने आगे समझाया कि हिंदू होने का असली अर्थ है संविधान के सिद्धांतों का पालन करना, स्वतंत्रता, समानता और भाईचारे का सम्मान रखना। भागवत ने जोर दिया कि ये विचार किसी विशेष समुदाय को बाहर नहीं रखते, बल्कि सभी को शामिल करते हैं। इसके बाद उन्होंने सीधे मुस्लिम समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि भारत में मुस्लिम भी उतने ही भागीदार हैं जितने हिंदू और वे देश की प्रगति में समान योगदान दे सकते हैं। भागवत ने चेतावनी दी कि किसी भी रूप में कट्टरता या ध्रुवीकरण राष्ट्रीय एकता को कमजोर करती है। उन्होंने सभी धर्मों के अनुयायियों से अपील की कि वे मिलकर शांति और सहयोग का माहौल बनाएं। कार्यक्रम में उपस्थित विद्वानों, प्रवासी भारतीयों और स्थानीय नेताओं ने उनके विचारों को सुना और कई ने इसे सकारात्मक कदम बताते हुए प्रशंसा की। कुछ विश्लेषकों ने टिप्पणी की कि इस प्रकार के बयान अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की छवि को सुधारने में मदद कर सकते हैं, क्योंकि ये दिखाते हैं कि देश धार्मिक सहिष्णुता की ओर बढ़ रहा है। कार्यक्रम के बाद हुए प्रश्न‑उत्तर सत्र में भागवत ने युवा प्रश्नकों के सवालों का जवाब दिया। उन्होंने शिक्षा में नैतिक मूल्यों के समावेश पर जोर दिया और कहा कि स्कूलों में भारतीय संस्कृति के साथ‑साथ विश्व के विविध दृष्टिकोण भी पढ़ाए जाने चाहिए। इस पर कई श्रोताओं ने सहमति जताते हुए कहा कि इससे 미래 की पीढ़ी को व्यापक दृष्टिकोण मिलेगा। भागवत ने अंत में कहा कि हिंदुत्व का लक्ष्य सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता है। उन्होंने सभी नागरिकों से आग्रह किया कि वे संविधान के प्रति忠诚 रखें और मिलकर एक मजबूत, समावेशी भारत का निर्माण करें। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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