लाइव
टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।
विश्व

भागवत ने कहा: मुसलमानों को बाहर निकालने की सोच हिंदुत्व के विरुद्ध

30/8/2026, 2:53:03 am
भागवत ने कहा: मुसलमानों को बाहर निकालने की सोच हिंदुत्व के विरुद्ध
Original publisher image
मोहन भागवत ने अमेरिका के एक सार्वजनिक कार्यक्रम में स्पष्ट कहा कि जो हिंदू मुसलमानों को देश से बाहर निकालने की बात करते हैं, वे हिंदुत्व की मूल भावना के विरुद्ध हैं। उन्होंने बताया कि हिंदुत्व का अर्थ किसी एक समुदाय को निशाना बनाना नहीं, बल्कि सबके साथ सहअस्तित्व और सद्भाव बनाए रखना है। भागवत ने कहा कि आरएसएस का लक्ष्य समाज में समरसता लाना है, न कि विभाजन फैलाना। कार्यक्रम के बाहर कुछ प्रदर्शनकारियों ने भागवत की यात्रा को आरएसएस की छवि सुधारने के लिए चलाए जा रहे बड़े जनसंपर्क अभियान का हिस्सा बताया। उनका आरोप था कि यह दौरा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संगठन की छवि बदलने की कोशिश है। भागवत ने अपने संबोधन में बार‑बार जोर दिया कि हिंदुत्व की असली पहचान सहिष्णुता और संविधान की सर्वोच्चता में निहित है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर फैलने वाली नफरत भरी बातों से प्रभावित न हों। भागवत ने याद दिलाया कि भारत का संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है और कोई भी विचारधारा उससे ऊपर नहीं हो सकती। इस बयान को भारतीय मीडिया में व्यापक कवरेज मिला और राजनीतिक दलों ने अपनी‑अपनी प्रतिक्रिया दी। कांग्रेस ने इसे सकारात्मक कदम बताया, जबकि भाजपा ने कहा कि यह संघ की पुरानी नीति का ही विस्तार है। विश्लेषकों का मानना है कि भागवत के शब्दों से आरएसएस की अंतरराष्ट्रीय छवि सुधर सकती है, लेकिन घरेलू स्तर पर कट्टरपंथी तत्वों को संतुष्ट करना अब भी चुनौती बना हुआ है। भागवत ने यह भी कहा कि आरएसएस हमेशा से विविधता को स्वीकार करता रहा है और उसके कार्यकर्ता समाज के हर वर्ग के साथ काम करते हैं। उन्होंने अमेरिकी हिंदू समुदाय से आग्रह किया कि वे भारतीय मूल्यों को दुनिया के सामने सही ढंग से प्रस्तुत करें। कार्यक्रम में मौजूद कई विद्वानों ने भागवत के विचारों को ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में रखते हुए सराहा। हालांकि कुछ दक्षिणपंथी संगठनों ने बयान को कमजोर बताते हुए कहा कि यह कट्टरपंथी विचारधारा को ढकने की कोशिश है। समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया
समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया

संबंधित