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नेपाल में बाढ़ की खबरों का घालमेल: मौसम विभाग ने बारिश से इनकार, पर दो झीलें बढ़ा रहीं खतरा

30/8/2026, 2:00:33 am
नेपाल में बाढ़ की खबरों का घालमेल: मौसम विभाग ने बारिश से इनकार, पर दो झीलें बढ़ा रहीं खतरा
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नेपाल में पिछले कुछ दिनों से बाढ़ को लेकर कई तरह की खबरें आ रही हैं। स्थानीय मीडिया, सोशल मीडिया और सरकारी बयान एक‑दूसरे से टकरा रहे हैं, जिससे आम लोग समझ नहीं पा रहे कि असली खतरा कितना बड़ा है। नेपाल मौसम विभाग ने साफ कहा है कि अगले कुछ दिनों में भारी बारिश की संभावना नहीं है। विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि मौसम मॉडल में कोई बड़ा बारिश का संकेत नहीं दिख रहा, इसलिए बाढ़ की चेतावनी वापस ली गई है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है। इसके बावजूद पहाड़ी इलाकों में दो अस्थिर झीलें — गोसाईं कुंड और श्याम कुंड — खतरा बढ़ा रही हैं। ये झीलें ग्लेशियर पिघलने से बनी हैं और उनके बांध प्राकृतिक मिट्टी और चट्टानों के हैं, जो कभी भी टूट सकते हैं और निचले इलाकों में अचानक पानी का सैलाब ला सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर ये झीलें फटती हैं तो निचले इलाकों में अचानक बाढ़ आ सकती है, भले ही बारिश न हो। पिछले साल भी एक झील फटने से कई गांव डूब गए थे और सैकड़ों लोग बेघर हो गए थे, जिसे याद रखते हुए प्रशासन अलर्ट पर है। सरकार ने एहतियात के तौर पर निचले इलाकों में राहत शिविर लगाए हैं और नदियों के किनारे बसे लोगों को सतर्क रहने को कहा है। साथ ही, सैटेलाइट तस्वीरों और ड्रोन सर्वे से झीलों के जलस्तर की निगरानी जारी है, ताकि किसी भी बदलाव का तुरंत पता चल सके। आम लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और आधिकारिक चैनलों से जानकारी लें। स्थानीय प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद मिल सके और अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई की जा सके। कुल मिलाकर, मौसम विभाग की राहत भरी खबर और झीलों का खतरा एक साथ चल रहे हैं। इसलिए स्थिति पर नज़र रखना जरूरी है, ताकि समय रहते कदम उठाए जा सकें। स्थानीय लोग भी अपने स्तर पर तैयारी कर रहे हैं। कई गांवों में महिलाएं और युवा मिलकर रेत के बोरे भर रहे हैं और नालों को साफ कर रहे हैं ताकि पानी तेजी से निकल सके। समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया
समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया

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