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सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसा: पांच बड़े सवाल उठे

7/9/2026, 8:14:18 am
सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसा: पांच बड़े सवाल उठे
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दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक बहुमंजिला इमारत का हिस्सा शनिवार रात ढह गया। इस इमारत के निचले तल पर छात्रों के लिए पेइंग गेस्ट (पीजी) चल रहा था। हादसे में तीन छात्र घायल हुए और एक की मौत हो गई। पुलिस और दमकल की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत कार्य शुरू किया। शुरुआती जांच में पता चला कि इमारत के बेसमेंट में निर्माण कार्य चल रहा था। ठेकेदार ने बिना अनुमति के दीवारें तोड़ीं और नई बीम डाल दी। इससे इमारत की भार वहन क्षमता कम हो गई। नगर निगम के अधिकारियों ने कहा कि इमारत का नक्शा 1995 का है और उसके बाद कई अवैध बदलाव किए गए। स्थानीय निवासियों ने बताया कि इमारत में अग्निशमन उपकरण नहीं थे और निकास मार्ग भी संकरे थे। पीजी संचालक ने सुरक्षा ऑडिट नहीं कराया था। छात्रों ने पहले भी दीवारों में दरारें देखी थीं, पर प्रबंधन ने ध्यान नहीं दिया। दिल्ली पुलिस ने इमारत के मालिक, ठेकेदार और पीजी संचालक के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज किया है। नगर निगम ने इमारत को असुरक्षित घोषित कर दिया है और आसपास की इमारतों की जांच के आदेश दिए हैं। इस हादसे ने फिर से शहरी इलाकों में अवैध निर्माण और सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि पुरानी इमारतों का नियमित स्ट्रक्चरल ऑडिट अनिवार्य होना चाहिए। साथ ही पीजी जैसे किराए के आवासों के लिए सख्त लाइसेंस नियम लागू होने चाहिए। सरकार ने घोषणा की है कि जल्द ही एक उच्च स्तरीय समिति बनाई जाएगी जो ऐसी इमारतों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी। तब तक प्रभावित छात्रों को अस्थायी आवास और मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया
समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया

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