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अमेरिका में ग्रीन कार्ड की राह में रोड़ा, खाड़ी संकट ने बढ़ाई भारतीयों की चिंता

4/9/2026, 1:48:50 am
अमेरिका में ग्रीन कार्ड की राह में रोड़ा, खाड़ी संकट ने बढ़ाई भारतीयों की चिंता
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वाशिंगटन में नए इमिग्रेशन नियमों ने भारतीय पेशेवरों की ग्रीन कार्ड की उम्मीदों को झटका दिया है। अमेरिकी प्रशासन ने एच-1बी वीजा की सीमा घटाने और प्रोसेसिंग शुल्क बढ़ाने का फैसला लिया है, जिससे पहले से लंबित आवेदनों की कतार और लंबी हो गई। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 2024 के अंत तक भारत के करीब 1.2 लाख आवेदक ग्रीन कार्ड की प्रतीक्षा में थे, अब यह संख्या 1.5 लाख के पार पहुंच सकती है। उधर, खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव ने भारतीय श्रमिकों और कारोबारियों की चिंता बढ़ा दी है। सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और कतर में तेल उत्पादन से जुड़े विवाद और सुरक्षा हालात अस्थिर हैं, जिससे कई भारतीय कंपनियों ने अपने प्रोजेक्ट रोक दिए हैं। विदेश मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, पिछले छह महीनों में खाड़ी से लौटने वाले भारतीय कामगारों की संख्या 15 फ़ीसदी बढ़ी है। दोनों मोर्चों पर दबाव देखते हुए, भारत सरकार ने अमेरिका और खाड़ी देशों के साथ द्विपक्षीय वार्ता तेज़ करने का फैसला किया है। विदेश मंत्री ने हाल ही में वाशिंगटन का दौरा किया और ग्रीन कार्ड बैकलॉग को कम करने के लिए विशेष प्रावधान मांगे। साथ ही, खाड़ी देशों के साथ श्रम समझौतों की समीक्षा कर नई सुरक्षा गारंटी जोड़ने पर चर्चा चल रही है। विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर दोनों तरफ से जल्दी कदम नहीं उठाए गए, तो भारतीय प्रतिभा का पलायन और तेज़ हो सकता है। फिलहाल, भारतीय आवेदकों को अपने दस्तावेज़ अपडेट रखने और वैकल्पिक रास्ते जैसे कनाडा या ऑस्ट्रेलिया के कुशल वीजा कार्यक्रमों पर विचार करने की सलाह दी जा रही है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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