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ज़ोहरान ममदानी की टिप्पणी पर प्रवासी भारतीयों में बहस, आरएसएस का जवाब

27/8/2026, 3:26:51 am
ज़ोहरान ममदानी की टिप्पणी पर प्रवासी भारतीयों में बहस, आरएसएस का जवाब
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लंदन में बसे भारतीय मूल के नेता ज़ोहरान ममदानी ने हाल ही में मोहन भागवत पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि भागवत के बयान से अल्पसंख्यकों में डर पैदा होता है। इस बयान के बाद भारत में सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ गई। कुछ लोगों ने ममदानी का समर्थन किया और कहा कि वे विदेश में भी भारतीय मूल के लोगों की आवाज़ उठा रहे हैं। वहीं दूसरे इसे बाहरी हस्तक्षेप मानते हुए आरएसएस से जवाब मांग रहे थे। आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की। उन्होंने ममदानी का नाम लिए बिना कहा कि किसी विदेशी व्यक्ति को भारत के आंतरिक मामलों पर बोलने का अधिकार नहीं है। आंबेकर ने यह भी कहा कि संगठन हमेशा संविधान के दायरे में काम करता है और सभी नागरिकों की सुरक्षा का ध्यान रखता है। प्रवासी भारतीय समुदाय में भी मतभेद दिखे। ब्रिटेन के कई गुरुद्वारे और मंदिरों में चर्चा हुई कि ममदानी की बात कितनी सही है। कुछ युवा नेताओं ने कहा कि वे ममदानी के साथ खड़े हैं क्योंकि वे अल्पसंख्यक अधिकारों की बात करते हैं। दूसरी ओर, कुछ बुजुर्ग सदस्यों ने कहा कि विदेश में बैठकर भारत की राजनीति पर टिप्पणी करना उचित नहीं है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला आने वाले दिनों में और गरम हो सकता है, खासकर जब ब्रिटेन में चुनाव नज़दीक हों। आरएसएस का बयान भी इसी पृष्ठभूमि में देखा जा रहा है। समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया
समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया

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