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भारत-चीन सीमा वार्ता: नदियों और सीमा व्यापार पर बनी सहमति, एलएसी तनाव पर भी चर्चा

26/8/2026, 5:03:55 am
भारत-चीन सीमा वार्ता: नदियों और सीमा व्यापार पर बनी सहमति, एलएसी तनाव पर भी चर्चा
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भारत और चीन के वरिष्ठ अधिकारियों ने नई दिल्ली में दो दिवसीय सीमा वार्ता पूरी की। बैठक में विदेश मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय और जल संसाधन विभाग के प्रतिनिधि शामिल थे। दोनों पक्षों ने सीमा पर शांति बनाए रखने के लिए व्यावहारिक कदम उठाने पर जोर दिया। पहले दिन नदियों के जल बंटवारे पर विस्तृत चर्चा हुई। भारत ने ब्रह्मपुत्र और सतलुज नदियों के ऊपरी हिस्से में चीन द्वारा बनाए जा रहे बांधों पर चिंता जताई। चीन ने आश्वासन दिया कि वह अंतरराष्ट्रीय संधियों के अनुरूप जल प्रवाह बनाए रखेगा और डेटा साझा करने के लिए एक संयुक्त तंत्र स्थापित करेगा। दोनों देशों ने इस तंत्र को छह महीने में चालू करने का लक्ष्य रखा। दूसरे दिन सीमा व्यापार को सुगम बनाने पर सहमति बनी। लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश के सीमावर्ती बाजारों में माल की आवाजाही के लिए नए चेकपोस्ट खोलने और कस्टम प्रक्रिया सरल करने का निर्णय लिया गया। इससे स्थानीय व्यापारियों को राहत मिलेगी और आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी। एलएसी पर जारी तनाव को लेकर दोनों पक्षों ने स्पष्ट किया कि वे 2020 के समझौते के अनुसार सैन्य पीछे हटने की प्रक्रिया जारी रखेंगे। भारत ने डेप्सांग और देमचोक क्षेत्रों में चीनी सैनिकों की मौजूदगी पर आपत्ति दर्ज कराई। चीन ने कहा कि वह सीमा प्रबंधन तंत्र को मजबूत करेगा और किसी भी उकसावे से बचेगा। विदेश मंत्री ने बैठक के बाद कहा कि बातचीत सकारात्मक रही और दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। अगले दौर की वार्ता इसी वर्ष अक्टूबर में बीजिंग में प्रस्तावित है।
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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