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भारत IAEA एटलस पहल में शामिल: समुद्र में परमाणु जहाज और तैरते बिजली संयंत्रों पर काम शुरू

26/8/2026, 6:03:53 am
भारत IAEA एटलस पहल में शामिल: समुद्र में परमाणु जहाज और तैरते बिजली संयंत्रों पर काम शुरू
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भारत ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) की एटलस पहल में शामिल होने का ऐलान किया है। इस पहल का मकसद समुद्र में नागरिक जहाजों को परमाणु ऊर्जा से चलाना और तैरते बिजली संयंत्र विकसित करना है। आईएईए के महानिदेशक ने कहा कि भारत की भागीदारी से तकनीकी सहयोग तेज़ होगा। भारत अपने परमाणु रिएक्टर डिजाइन और समुद्री इंजीनियरिंग के अनुभव को साझा करेगा। एटलस कार्यक्रम के तहत पहले चरण में छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर (एसएमआर) का परीक्षण किया जाएगा। ये रिएक्टर 300 मेगावाट तक की क्षमता वाले होंगे और इन्हें जहाजों तथा तैरते प्लेटफॉर्म पर लगाया जा सकेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि परमाणु चालित जहाज डीजल की तुलना में कार्बन उत्सर्जन लगभग शून्य कर देंगे। साथ ही तैरते बिजली संयंत्र दूरदराज के द्वीपों और तटीय इलाकों को सस्ती बिजली दे सकेंगे। भारत ने पहले ही कुडनकुलम और गोरखपुर में परमाणु बिजली संयंत्र चलाए हैं। अब समुद्री क्षेत्र में इस तकनीक का विस्तार देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेगा। आईएईए के सदस्य देश मिलकर सुरक्षा मानक, लाइसेंसिंग प्रक्रिया और अपशिष्ट प्रबंधन के नियम तय करेंगे। भारत इन मानकों को अपनाने के लिए अपनी नियामक संस्थाओं को तैयार कर रहा है। इस कदम से वैश्विक स्तर पर स्वच्छ ऊर्जा परिवहन की नई राह खुलेगी। भारत की भागीदारी से एटलस पहल को व्यावहारिक गति मिलने की उम्मीद है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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