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ऑपरेशन सिंदूर के 15 महीने बाद सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने क्यों की ‘सफ़ाई’ की बात?

26/8/2026, 7:49:04 am
ऑपरेशन सिंदूर के 15 महीने बाद सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने क्यों की ‘सफ़ाई’ की बात?
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ऑपरेशन सिंदूर फरवरी 2023 में शुरू हुआ एक संयुक्त सैनिक अभियान था, जिसका मुख्य लक्ष्य नियंत्रण रेखा के पार स्थित आतंकी ठिकानों को नष्ट करना था। अभियान के पहले दौर में भारतीय वायु सेना ने किराना हिल्स क्षेत्र में सटीक हमले किए और दावा किया कि कई लॉन्चपैड और भंडारगाहों को ध्वस्त कर दिया गया। वायु सेना के मार्शल भारती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि इस कार्रवाई से पाकिस्तान आधारित आतंकवादी नेटवर्क को गंभीर क्षति पहुंची है और उसकी क्षमता कम हो गई। इन दावों के लगभग 15 महीने बाद, तत्कालीन सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने रक्षा मामलों की संसदीय समिति के सामने बयान दिया। उन्होंने कहा कि embora प्रारंभिक हमले सफल रहे, लेकिन किराना हिल्स में कुछ अवशेष खतरे अभी भी मौजूद हैं। जनरल चौहान ने ‘सफ़ाई’ शब्द का प्रयोग करते हुए कहा कि बचे हुए गोला‑बारूद, छोड़ दिए गए उपकरण और संभावित रूप से फिर से सक्रिय होने वाले मॉड्यूल को हटाना आवश्यक है, ताकि भविष्य में किसी भी पुनर्मिलन या पुनर्रचना को रोका जा सके। जनरल चौहान के बयान के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। पहला, खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट्स में संकेत मिला कि कुछ छिपे हुए लॉन्चपैड अभी भी सक्रिय हो सकते हैं। दूसरा, सेना और वायु सेना के आकलन में अंतर था; सेना ने जमीन पर विस्तृत निरीक्षण की जरूरत बताई, जबकि वायु सेना हवाई सर्वेक्षण पर भरोसा कर रही थी। तीसरा, शांति वार्ता के माहौल में किसी भी अवशेष खतरे को उजागर करना राजनीतिक रूप से संवेदनशील माना गया, ताकि बातचीत की स्थिति कमजोर न हो। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बयान से सेनाओं के बीच समन्वय में पारदर्शिता बढ़ती है और भविष्य के अभियानों की योजना बनाने में मदद मिलती है। 동시에, इससे यह भी पता चलता है कि एक ही ऑपरेशन पर अलग‑अलग अंगों के दृष्टिकोण में अंतर हो सकता है, जिसे सुलझाने के लिए निरंतर संवाद आवश्यक है। समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया
समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया

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