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अबू सलेम की रिहाई याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की, 25 साल की सज़ा पूरी होने के बाद भी जेल में रहेंगे

10/9/2026, 6:24:33 am
अबू सलेम की रिहाई याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की, 25 साल की सज़ा पूरी होने के बाद भी जेल में रहेंगे
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अबू सलेम 1993 के मुंबई विस्फोट मामले में दोषी ठहराए गए एक कुख्यात अपराधी हैं। उन्हें दिल्ली में गिरफ्तार किया गया था और बाद में आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई गई। पिछले पच्चीस साल से वह जेल में बंद हैं। हाल ही में सलेम ने अपनी सज़ा की अवधि पूरी होने का हवाला देकर रिहाई की याचिका दायर की। उन्होंने दलील दी कि कानून के अनुसार निर्धारित अवधि पूरी होने पर उन्हें अनुशासनिक आधार पर छोड़ा जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि अपराध की गंभीरता और उसके सामाजिक प्रभाव को देखते हुए तत्काल रिहाई उचित नहीं है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि आतंकवादी कृत्य से जुड़े मामलों में सज़ा में छूट या पैरोल के प्रावधान लागू नहीं होते। जजों ने यह भी बताया कि दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 432 और 433 के तहत राज्य सरकार को सज़ा कम करने का अधिकार है, लेकिन आतंकवाद से जुड़े अपराधों में इस अधिकार का प्रयोग सीमित है। केंद्र सरकार की सलाह और राज्य की सिफारिश भी इस मामले में निर्णायक नहीं मानी गई। फैसले का स्वागत पीड़ित परिवारों और जांच एजेंसियों ने किया। उनका कहना है कि ऐसे निर्णय से कानून के प्रति जनता का विश्वास मजबूत होता है और भविष्य में इस तरह की वारदातों को रोकने में मदद मिलती है। कानून विशेषज्ञों के अनुसार, भारतीय दंड संहिता में सज़ा कम करने और पैरोल के प्रावधान हैं, लेकिन आतंकवाद संबंधी अपराधों के लिए ये प्रावधान सख्ती से सीमित हैं। सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला उसी सिद्धांत की पुष्टि करता है। सलेम को 2002 में पुर्तगाल से प्रत्यर्पित किया गया था। 2005 में मुंबई की विशेष टाडा अदालत ने उन्हें आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई थी। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने भी इस सज़ा को बरकरार रखा। इस मामले में अन्य दोषियों को भी सज़ा हुई थी, लेकिन सलेम की भूमिका मुख्य साजिशकर्ता के रूप में मानी गई। इसलिए उसकी रिहाई की मांग पर विशेष ध्यान दिया गया। कोर्ट ने यह भी कहा कि सज़ा की अवधि पूरी होने का मतलब स्वत: रिहाई नहीं होता, खासकर जब अपराध राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा हो। न्यायिक प्रक्रिया के तहत ही किसी भी छूट पर विचार किया जा सकता है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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