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तिब्बत में बाढ़ और भूस्खलन, कैलाश मानसरोवर यात्रियों की स्थिति अनिश्चित

26/8/2026, 2:40:03 pm
तिब्बत में बाढ़ और भूस्खलन, कैलाश मानसरोवर यात्रियों की स्थिति अनिश्चित
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नेपाल के मध्य और पश्चिमी भागों में पिछले सप्ताह लगातार बारिश ने नदियों को उफान पर ला दिया। कई जिलों में घरों, सड़कों और छोटे पुलों को बहा दिया गया है। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक अब तक 150 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि हुई है और हजारों लोग बेघर हो चुके हैं। बचाव दल हेलीकॉप्टर और नावों से खाना, पीने का पानी और दवाइयाँ पहुंचा रहे हैं। सीमा पार चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में भी स्थिति गंभीर बनी हुई है। चीनी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार शिगात्से और नगारी जिलों में भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ ने कई गांवों को नष्ट कर दिया। सरकारी आंकड़ों में 80 से ज्यादा मौतें और 200 से अधिक घायल दर्ज किए गए हैं। संचार लाइनें टूट जाने से दूरदराज के इलाकों से सही जानकारी मिलने में देरी हो रही है। इसी इलाके से गुजरने वाली कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर इस साल हजारों भारतीय और विदेशी श्रद्धालु निकले थे। बाढ़ और भूस्खलन के कारण मुख्य यात्रा मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गए हैं। अब तक किसी भी आधिकारिक एजेंसी ने यात्रियों की ठीक संख्या, उनकी present स्थिति या बचाव अभियान की प्रगति के बारे में कोई बयान जारी नहीं किया है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वह नेपाल और चीन के अधिकारियों के साथ संपर्क बनाए हुए है। भारतीय दूतावास, काठमांडू और बीजिंग में तैनात अधिकारियों ने अपने नागरिकों से संपर्क साधने की कोशिश शुरू कर दी है। कुछ यात्रियों ने सोशल मीडिया पर छोटे वीडियो डालकर बताया है कि वे अस्थायी शरण में हैं, लेकिन अधिकांश का पता नहीं चल सका है। अधिकारियों का कहना है कि मौसम खराब रहने से बचाव कार्य धीमा पड़ सकता है और अतिरिक्त संसाधनों की आवश्यकता होगी। नेपाल सरकार ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मदद की अपील की है। भारत, चीन और संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियां मिलकर राहत सामग्री भेजने की योजना बना रही हैं। विशेषज्ञों की चेतावनी है कि अगर बारिश जारी रही तो नए भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है, जिससे राहत और बचाव दोनों ही प्रभावित हो सकते हैं। समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया
समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया

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