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ट्रंप ने अमेरिका में शरिया कानून को नकारा, बोले- आम समझ पर भरोसा

27/8/2026, 5:23:41 am
ट्रंप ने अमेरिका में शरिया कानून को नकारा, बोले- आम समझ पर भरोसा
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पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अमेरिका में शरिया कानून लागू करने की किसी भी संभावना को खारिज कर दिया है। उन्होंने एक टीवी साक्षात्कार में स्पष्ट कहा कि वे इस कानून पर पूर्ण प्रतिबंध का समर्थन करते हैं क्योंकि उनका भरोसा विचारधारा के बजाय आम समझ पर है। ट्रंप ने जोर देकर कहा कि शरिया कानून अमेरिकी संविधान और देश के बुनियादी मूल्यों के अनुकूल नहीं है। उनके अनुसार देश की कानूनी व्यवस्था किसी भी धार्मिक कानून से ऊपर रहनी चाहिए और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा केवल संवैधानिक प्रावधानों से होनी चाहिए। इस बयान के बाद रिपब्लिकन खेमे में समर्थन बढ़ा है। कई सांसदों ने ट्रंप के रुख को राष्ट्रीय सुरक्षा और सांस्कृतिक पहचान की रक्षा के लिए जरूरी बताया है। वहीं, कुछ नागरिक अधिकार संगठनों ने इसे धार्मिक भेदभाव बढ़ाने वाला कदम करार दिया है और अदालत में चुनौती देने की बात कही है। ट्रंप ने अपने कार्यकाल के दौरान भी कई बार इस्लामिक कानून के अमेरिका में प्रवेश का विरोध किया था। अब फिर से वे 2024 के चुनावी अभियान में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठा रहे हैं। उनके समर्थक इसे 'अमेरिका फर्स्ट' नीति का हिस्सा मानते हैं और मानते हैं कि यह कदम देश की एकता को मजबूत करेगा। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि शरिया कानून पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना संवैधानिक रूप से जटिल है क्योंकि अमेरिकी संविधान धार्मिक स्वतंत्रता की गारंटी देता है। फिर भी, ट्रंप का बयान उनके आधार मतदाताओं को गोलबंद करने में मदद कर सकता है और आगामी प्राइमरी में उन्हें लाभ पहुंचा सकता है। आने वाले महीनों में कांग्रेस में इस मसले पर विधेयक पेश किए जा सकते हैं। यदि ऐसा होता है तो यह अमेरिकी राजनीति में धर्म और कानून के संबंध पर नई बहस छेड़ देगा और न्यायिक समीक्षा की प्रक्रिया लंबी चल सकती है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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