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वीजा रोका तो यूएनजीए ने दी राहत: महमूद अब्बास अब वीडियो लिंक से करेंगे संबोधन, भारत समेत 152 देशों का साथ

18/9/2026, 3:33:58 am
वीजा रोका तो यूएनजीए ने दी राहत: महमूद अब्बास अब वीडियो लिंक से करेंगे संबोधन, भारत समेत 152 देशों का साथ
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अमेरिका ने फिलिस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास को वीजा नहीं दिया। इसकी वजह से वे न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्च स्तरीय सप्ताह में हिस्सा नहीं ले पाते। अमेरिकी विदेश विभाग ने वीजा इनकार की कोई ठोस वजह नहीं बताई, मगर कूटनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि यह फिलिस्तीन को लेकर अमेरिका की सख्त नीति का हिस्सा है। इसके बाद फिलिस्तीन ने यूएनजीए में प्रस्ताव रखा कि अब्बास को वीडियो लिंक के जरिए बोलने दिया जाए। 18 सितंबर को हुए मतदान में 152 देशों ने पक्ष में वोट दिया। सिर्फ 7 देशों — अमेरिका, इजराइल, माइक्रोनेशिया, नाउरू, पलाऊ, मार्शल आइलैंड्स और होंडुरास — ने विरोध किया, जबकि 18 देश अनुपस्थित रहे। भारत ने भी प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया। विदेश मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि भारत फिलिस्तीन के लोगों के वैध अधिकारों का समर्थन करता है और बातचीत के जरिए दो-राज्य समाधान का पक्षधर है। भारत का यह रुख उसकी लंबे समय से चली आ रही नीति के अनुरूप है। अब अब्बास 26 सितंबर को वीडियो लिंक के जरिए महासभा को संबोधित करेंगे। यह पहला मौका है जब किसी राष्ट्राध्यक्ष को वीजा न मिलने पर यूएनजीए ने ऐसी व्यवस्था की है। संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता ने कहा कि यह फैसला बहुपक्षवाद और सभी सदस्य देशों की समान भागीदारी के सिद्धांत को दर्शाता है। जानकारों का कहना है कि इससे अंतरराष्ट्रीय मंच पर फिलिस्तीन का कूटनीतिक रुतबा बढ़ा है। साथ ही अमेरिका की अलग-थलग पड़ने की तस्वीर भी उभरी है। इजराइल ने प्रस्ताव का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि यह आतंकवाद को पुरस्कृत करने जैसा है। आने वाले हफ्तों में अब्बास के संबोधन पर सबकी नजर रहेगी। वे गाजा युद्ध, वेस्ट बैंक में बस्तियों का विस्तार और दो-राज्य समाधान की राह में आ रही अड़चनों पर बोल सकते हैं। भारत समेत तमाम विकासशील देशों ने उम्मीद जताई है कि इससे फिलिस्तीन मुद्दे पर गंभीर बातचीत का रास्ता खुलेगा। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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