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अमेरिका-हूती समझौता: सऊदी अरब ने पाकिस्तान-तुर्की से सैन्य मदद मांगी

17/9/2026, 4:51:27 am
अमेरिका-हूती समझौता: सऊदी अरब ने पाकिस्तान-तुर्की से सैन्य मदद मांगी
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अमेरिका ने यमन के हूती विद्रोहियों के साथ एक समझौता किया है। इसके तहत अमेरिकी फौज लाल सागर के कुछ इलाकों से पीछे हट रही है। hूती गुट ने लाल सागर के अहम नौवहन मार्गों पर कब्ज़ा मजबूत कर लिया है। इससे विश्व व्यापार और तेल सप्लाई पर असर पड़ सकता है। सऊदी अरब इस हालात से चिंतित है। उसने अपनी सुरक्षा के लिए पाकिस्तान और तुर्की से सैन्य मदद मांगी है। पाकिस्तान ने अभी तक कोई आधिकारिक एलान नहीं किया है, लेकिन सूत्र बताते हैं कि वह सीमित संख्या में सैनिक भेजने पर विचार कर रहा है। तुर्की भी अपनी नौसेना को लाल सागर में तैनात करने की योजना बना रहा है। दोनों देशों की भागीदारी से इलाके का संतुलन बदल सकता है। विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका के पीछे हटने से हूती को और ताकत मिलेगी। इससे यमन में लड़ाई लंबी खिंच सकती है। भारत इस पूरे घटनाक्रम पर नज़र रख रहा है क्योंकि लाल सागर के रास्ते भारतीय कारोबार के लिए बेहद अहम हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील है कि वह जल्द से जल्द शांति वार्ता शुरू करे ताकि क्षेत्र में स्थिरता लौट सके। फिलहाल स्थिति तेज़ी से बदल रही है और आने वाले दिनों में और स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी। संयुक्त राष्ट्र ने भी हूती के बढ़ते प्रभाव पर चिंता जताई है और सभी पक्षों से संयम बरतने को कहा है। इस बीच, अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा है कि समझौता केवल मानवीय सहायता के लिए है, सैन्य कार्रवाई नहीं। लेकिन क्षेत्रीय ताकतें इस बयान को शक की नज़र से देख रही हैं और अपनी तैयारी तेज़ कर रही हैं। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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