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ठाणे कोर्ट ने सहमति के आधार पर दुष्कर्म आरोपी को बरी किया

10/9/2026, 7:08:59 am
ठाणे कोर्ट ने सहमति के आधार पर दुष्कर्म आरोपी को बरी किया
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ठाणे जिला सत्र अदालत ने 10 सितंबर 2026 को एक दुष्कर्म के मामले में फैसला सुनाया। आरोपी युवक पर जबरन संबंध बनाने का आरोप था, जबकि पीड़िता ने अदालत में कहा कि वह अपनी मर्जी से उसके साथ गई थी। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दलील दी कि घटना के दिन दोनों एक साथ निकले थे और युवती ने किसी तरह का दबाव या धमकी नहीं बताई। गवाहों ने भी इस बात की पुष्टि की कि युवती खुद ही युवक के साथ गई और बाद में अपने घर लौट आई। अभियोजन ने मेडिकल रिपोर्ट और कुछ दृश्यात्मक साक्ष्य पेश किए, लेकिन अदालत ने पाया कि पीड़िता के बयान में कोई विरोधाभास नहीं था। न्यायाधीश ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोप को संदेह से परे साबित नहीं कर सका। इसलिए अदालत ने आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। फैसले में सहमति को निर्णायक माना गया और कहा गया कि जब पीड़िता खुद अपनी इच्छा जताती है तो जबरदस्ती का आरोप टिक नहीं सकता। महिला अधिकार संगठनों ने इस निर्णय पर चिंता जताई है और कहा कि ऐसे फैसले पीड़िताओं का भरोसा कम कर सकते हैं। वहीं कानूनी विशेषज्ञों ने अदालत के तर्क को साक्ष्य‑आधारित बताया है। यह मामला दिखाता है कि दुष्कर्म के मुकदमों में सहमति की पुष्टि करना अभियोजन की जिम्मेदारी होती है और पर्याप्त सबूत न होने पर अदालत को आरोपी को बरी करना पड़ता है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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